मुझे मालूम नहीं क्यूँ परेशान हूँ मैं ,
जिंदा हूँ फिर भी ज़िन्दगी से अनजान हूँ मैं .
एक कसक सी है दिल में , और बेचैनी भी
थोडा बोझा सा है दिल पर और एक खलिश भी
ऐसा लगता है की कुछ हुआ है
जैसे किसी ने मेरी रूह को छुआ है ...
जिंदा हूँ फिर भी ज़िन्दगी से अनजान हूँ मैं .
एक कसक सी है दिल में , और बेचैनी भी
थोडा बोझा सा है दिल पर और एक खलिश भी
ऐसा लगता है की कुछ हुआ है
जैसे किसी ने मेरी रूह को छुआ है ...
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